Header Ads

  • ताजा खबरें

    सरकार का एक और तुगलक फरमान ; बाढपिढीतों के बैंक खातों में मिलेगी मदद राशी

    Mumbai (Maharashtra Development Media) - Another strange GR has been introduced by the state government. According to this GR, help will be provided to the floodgates in their bank account. Seeing this kind of government's objection, the situation is already better than the roads and vehicles, now the question is being asked by the general public and the elders, how the flood-affected people will reach their bank to get the help from the government. Due to the flood, Kolhapur and Sangli areas have become better condition due to which the flood victims have to face great difficulties. At the same time, accusations of huge delay in getting help from the government are being made in the floods, in such a situation, the government is very angry at the flood-affected Tughlaq Farman for the amount of help received by the government. Giving information to the government late of his mistake, he informed the media that, we will give some amount of cash to the flood victims and not transfer the money to their bank account and transfer the remaining help to their account. . After this statement, how much help will the government give to the flood victims, it can be understood only after getting the help. Let me tell you, one day before this government, a similar Tughlaq Farman with G.R. Due to this, only those flood victims whose houses will have flood water for two days will get the help of the government. Was drawn Also, only 10 kg of wheat and rice will be given free of cost by the government only to the people living in the area and flood water for two days, the ordinance was removed by the government. Because of which the agonizing government is very angry. In such a situation, now a GR of online help There should not be an exaggeration in saying that the present government is making a mockery of the situation of flood victims by presenting it by the government.
    मुंबई (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- राज्य सरकार द्वारा और एक अजीबो गरीब जीआर पेश किया गया है। इस जीआर के अनुसार बाढपिढीतों को उनके बैंक खाते में मदद दी जाएगी। सरकार का इस तरह का तुघलक फर्मान देखकर पहले ही सढकों और वाहनों ही हालात बतसे बत्तर है उसमें अब सरकार द्वारा मिलने वाली मदद राशी को लेने के लिए बाढपिढीत अपने बैंक तक कैसे पहुचेंगे ऐसा प्रश्न आम जनता एवं बाढपिढीतों द्वारा पुछा जा रही है।
    बाढ के कारण कोल्हापूर और सांगली इलाकों की बत्तर हालत हो चुकी है जिसके चलते बाढपिढीतों को बडी कठिनाईयों का सामना करना पड रही है । साथ ही सरकार द्वारा मदद मिलने में बडी देरी होने का आरोप बाढपिढीत लगा रहे है ऐसे में अब सरकार द्वारा मिलनेवाली मदद राशी के अजिबो-गरीब तुगलक फर्मान को देख बाढपिढीत सरकारपर काफी नाराज है।
    सरकार को अपने गलती का देर से ध्यान आने से उन्होंने मिडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, हम बाढ पिढीतों को पुरी मदद राशी उनके बैंक खाते में जना न करते हुए कुछ रकम उन्हे कैश स्वरुप देंगे तथा बची हुई मदद राशी उनके खाते में ट्रान्सफर करेंगे। इस स्टेटमेंट के बाद सरकार किस तरह बाढपिढीतों को कितना मदद किस प्रकार देगी यह मदद मिलने के बाद ही समझा जा सकता है।
    बता दें कि, इस सरकार द्वारा इसके पहले भी एक दिन पुर्व ऐसा ही एक तुगलक फर्मान वाला जी.आर. निकाला था जिसके चलते जिन बाढ पिढीतों के घरों में दो दिनतक बाढ का पानी रहेगा सिर्फ उन्ही बाढपिढीतों को सरकार द्वारा मदद राशी मिलेगी ऐसा जी.आर. निकाला था। साथ ही दोन दिन तक इलाके में एवं घर में बाढ का पानी रहनेवालों को ही सिर्फ सरकार द्वारा मुफ्त में 10 किलो गेंहू और चावल दिया जाएगा ऐसा अध्यादेश सरकार द्वारा निकाला गया। जिसके चलते बाढपिढीत सरकार पर काफी हद तक क्रोधीत है। ऐसे में अब ऑनलाईन मदद का फीर एक जी.आर. सरकारद्वारा पेश करने से बाढपिढीतों के परिस्थिती का वर्तमान सरकार मझाक बना रही है ऐसा कहने में अतिशय्योक्ती नही होनी चाहिए।

    No comments

    Post Top Ad

    Post Bottom Ad