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    आयुक्त ने भ्रष्ट अधिकारी युवराज भदाणे को सभी पदों से किया बेदखल ; प्रशासन द्वारा जांच प्रक्रिया शुरु

    समाजसेवक दिलीप मालवणकर के प्रयासों को आखिरकार मिली सफलता

    Ulhasnagar (Maharashtra Development Media) - Today the UMPA Commissioner has taken action against Yuvraj Bhadane, the infamous corrupt officer of Ulhasnagar municipality who was running in his arbitrary administration for the last several years. Yuvraj Bhadane has been removed from all the posts of the municipality and strict investigation is now being done by the administration.  It may be noted that Yuvraj Bhadane, who has been working in the government office with a certificate for the last several years, has done many scams by misusing his posts. Recently, many such papers, fake government idency cards and government seal were recovered from his cabin, due to which Yuvraj Bhadane misused his position to help the corrupt people in the city. After that, this officer was suspended and asked to investigate him. But after a few months, Mayor Pancham Kalani and some public representatives decided with a vote in the municipality's chamber and tried to hire Yuvraj Bhadane once again in Ulhasnagar municipality and they were successful in executing it. But it is said that the house of God is late and not blind ... Just like former corporator and social worker Dilip Malwankar, while gearing up, complained against Yuvraj Bhadan to the ministry and senior level, once again such a corrupt and fake person in Ulhasnagar municipality Asked how he was hired. But the corrupt leaders and public representatives of Ulhasnagar tried hard to suppress their voice too, but Malvankar did not back down. He finally made such a request to the police and the administration, saying that he would commit suicide in front of the Ulhasnagar Municipal Administration on August 15, for not taking action against the Crown Prince. After this, from the commissioner of Ulhasnagar municipality to the corrupt officer, Lok Pratinidhi was all shocked. The common citizens of Ulhasnagar city also gave full support to Dilip Malwankar and united against the gorakhande in the Ulhasnagar municipality. After seeing all this, today the Commissioner of Ulhasnagar Mahapalika has taken strict action against Yuvraj Bhadan and removed him from all posts and now started the investigation process against him.  It may be noted that the commissioner of the Ulhasnagar municipality was ordered by the Ministry last month to initiate an inquiry against the guilty officer Yuvraj Bhadane as soon as possible after knowing the entire problem and complaint of the complainant, but the administration did not consider this order for so long. Finally, when the social worker talked about committing suicide, then the compulsion commissioner took this step and now started the investigation of Yuvraj Bhadane, this is discussed in Ulhasnagar.  Now it remains to be seen whether the commissioner of Ulhasnagar municipality is conducting a free inquiry against corrupt officer Yuvraj Bhadane.
    उल्हासनगर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- उल्हासनगर महापालिका के बदनाम भ्रष्ट अधिकारी युवराज भदाने जो पिछले कई सालों से प्रशासन की आंखों में झुळ झोंककर अपनी मनमानी प्रशासन में चला रहा था उसपर आज उमपा के आयुक्त ने कार्यवाही की है। युवराज भदाणे को पालिका के सभी पदों से निकालकर उसकी कडी जांच अब प्रशासन द्वारा की जा रही है।
    गौरतलब हो कि, पिछले कई सालों से झुटे सर्टिफिकेट से सरकारी दफ्तर में काम पर लगे युवराज भदाणे ने अपने पदों का गलत इस्तेमाल कर कई घोटाले किये है। हालही में उनके कैबिन से कई ऐसे कागजात, फर्जी सरकारी आयडेंसी कार्ड और सरकारी मुहर बरामद हुए थे जिसके चलते युवराज भदाने अपने पद का दुरुपयोग कर शहर में भ्रष्टाचारीयों को मदद करने की बात सामने आई थी। उसके बाद इस अधिकारी को सस्पेंड कर उसकी जांच की बात कही गई। लेकिन कुछ महिनों के बाद महापौर पंचम कालानी एवं कुछ लोकप्रतिनिधीयों ने पालिका सभागृह में एकमेत से निर्णय लेकर युवराज भदाने को फीर एक बार उल्हासनगर महापालिका में काम पर रखने की कोशिश की और वे इसको अंजाम देने में सफल भी रहे। लेकिन कहते है कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं... ठिक उसी प्रकार पूर्व नगरसेवक एवं समाजसेवक दिलीप मालवणकर ने कमर कसते हुए युवराज भदाने के खिलाफ मंत्रालय एवं वरिष्ठ स्तर तक शिकायत कर ऐसे भ्रष्टाचारी और फर्जी व्यक्ति को उल्हासनगर महापालिका में फिर एक बार काम पर कैसे रखा गया ऐसा सवाल किया। लेकिन उल्हासनगर के भ्रष्ट नेताओं और लोकप्रतिनिधीयों ने उनका भी आवाज दबाने की काफी कोशिश की, लेकिन मालवणकर पिछे नहीं हटे। उन्होंने आखिरकार युवराज भदाने पर कारवाई ना करने पर आनेवाले 15 अगस्त के दिन उल्हासनगर महापालिका प्रशासन के सामने आत्महत्या करने की बात कहकर ऐसा निवेदन पुलिस और प्रशासन को दिया। जिसके बाद उल्हासनगर महापालिका के आयुक्त से लेकर भ्रष्ट अधिकारी, लोकप्रतिनिधी सभी चौंक गये। उल्हासनगर शहर के आम नागरिकों ने भी दिलीप मालवणकर को पुरा समर्थन देते हुए उल्हासनगर महापालिका में चल रहे गोरखधंदे के खिलाफ एकजुट हुए। यह सब देख आखिरकार आज उल्हासनगर महापालिका के आयुक्त ने युवराज भदाने के खिलाफ कडी कारवाई करते हुए उसे सभी पदों से हटाकर उसके खिलाफ अब जांच प्रक्रिया शुरु की है।
    ज्ञात हो कि पिछले महिने मंत्रालय द्वारा उल्हासनगर महापालिका के आयुक्त को आदेश मिला था कि जल्द से जल्द शिकायतकर्ता की पुरी समस्या और शिकायत को जानकर दोषी अधिकारी युवराज भदाणे के खिलाफ जांच शुरु की जाए लेकिन प्रशासन ने इस आदेश को इतने दिन तक नहीं माना। आखिरकार जब समाजसेवक ने आत्महत्या करने की बात कही तब जाकर मजबुरन आयुक्त ने यह कदम उठाते हुए अब युवराज भदाने की जांच शुरु की है ऐसा उल्हासनगर में चर्चा है।
    अब देखना यह है कि उल्हासनगर महापालिका के आयुक्त भ्रष्ट अधिकारी युवराज भदाने के खिलाफ निःपक्ष रुप से जांच करते हुए या नहीं ?

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