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    कल्याण के पत्रिपुल के निर्माण कार्य का ठेका लष्करों को सौंपा जाए -विधायक नरेंद्र पवार की मांग

    मुख्यमंत्री को सौंपा निवेदन
    Kalyan (Maharashtra Development Media) - Recently, a driver lost his life due to the administration's negligence on the leaflet. Arun Mahajan is the name of such a deceased person. After this incident, once again the half-finished work of Kalyan Patripul is being asked by the general public. In this case, Bharatiya Janata Party MLA Narendra Baburao Pawar has demanded in writing from Maharashtra Chief Minister Devendra Fadnavis that the contract for the construction work of Kalyan Patripul be handed over to the Army (Army). He appealed to Fadnavis and asked for his attention to the letter.  Tell me, there has been a lot of politics on the construction of the leaflets. Due to which the construction work of the bridge has not been completed till now. Due to the incomplete work of the leaflets, citizens and drivers have to cross the bridge every day with their lives on their palm. In this case, a resident of Mahajan named Mahajan was also killed at the spot in the same Pulpar accident, but the work of the leaflet has not started till now, which makes it impossible to see how careless the local administration is on the subject.  Seeing this problem, the MLA has demanded that the contract for construction of the bridge be handed over to the Army. Narendra Pawar said that in view of the recent example of the construction of bridges by the militants at Ambivali Railway Station, the construction work of Patripul of Kalyan, which has been stuck for several months, is being handled by the Army. Should be handed over. Recently, Arun Mahajan died at a truck accident on Patripul on August 9 due to the increase in traffic of vehicles. Due to the negligence of the administration, the support of one family was lost. Many months have passed since the old bridge was broken. The construction work of the new bridge has also taken place but half of the bridge has been completed so far. Old Citizens of Kalyan Dombivali, Ambulances as well as the drivers of the vehicles are facing a lot of problems due to the breaking of the old bridge that leads to the traffic of vehicles traveling from New Mumbai, Ambarnath, Ulhasnagar, Dombivali as well. If the army was given a contract to construct this bridge which would be a bridge of good quality without corruption and infiltration, they demanded such information by the Honorable Chief Minister, to the concerned department.
    कल्याण (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- हालही में पत्रिपुल पर प्रशासन के लापरवाही के कारण एक वाहन चालक को अपनी जान गवानी पडी। अरुण महाजन ऐसा मृत व्यक्ति का नाम है। इस घटना के बाद फिर एक बार कल्याण के पत्रिपुल के आधे अधुरा पडा काम कब फिरसे शुरु होगा ऐसा आम नागरिकों द्वारा पुछा जा रहा है। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के विधायक नरेंद्र बाबुराव पवार ने कल्याण के पत्रिपुल के निर्माण कार्य का ठेका लष्कर (आर्मी) को सौंपा जाए ऐसी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से लिखीत रुपसे मांग की है। उन्होंने फडणवीस को निवेदन देकर पत्रिपुल की ओर ध्यान देने की विनंती की।
    बता दें कि, पत्रिपुल के निर्माण पर अब तक काफी सियासत हो चुकी है। जिसके कारण अब तक पुल का निर्माणकार्य पुरा हो नही पाया। पत्रिपुल के अधुरे काम के कारण नागरिकों और वाहन चालकों को हररोज अपनी जान अपने हथेली पर लेकर उस पुल से गुजरना पडता है। ऐसे में हालही में महाजन नामके रहिवासी का उसी पुलपर दुर्घटना में घटनास्थळ पर मौत भी हुई लेकिन पत्रिपुल का काम मात्र अब तक शुरु नहीं हुआ जिसके कारण स्थानिक प्रशासन इस विषय पर कितनी लापरवाह है यह देखने को मिलता है।
    इस समस्या को देख विधायक ने मुख्यमंत्री को इस पुल के निर्माण कार्य का ठेका लष्कर को सौपा जाए ऐसी मांग की है। नरेंद्र पवार ने कहा कि, आंबिवली रेल्वे स्टेशन पर जो कुछही अवधी में लष्करों द्वारा पूल बनाने का ताजा उदाहरण है उसी को मद्दे नजर रखते हुए कल्याण के पत्रीपुल के निर्माण कार्य जो कई महिनों से अटका हुआ है इस पुल निर्माण के कार्य को लष्कर के हाथों सौंपना चाहिए। हालफिलहाल वाहनों के आवागमन नए पुल पर बढने से 9 अगस्त को पत्रीपुल पर अरुण महाजन इस व्यक्ती का ट्रक दुर्घटना में मौत हुई। प्रशासन के लापरवाही के कारण एक परिवार का सहारा छुट गया। पुराना पुल तोडकर कई महिने बित चुके है। नए पुल के निर्माण कार्य का भुमिपुजन भी हो चुका है लेकिन पुल का अब तक आधा अधुरा ही काम हुआ है। पुराने पत्रीपुल से नई मुंबई, अंबरनाथ, उल्हासनगर, डोंबिवली साथ ही लंबा सफर तैय करनेवाले वाहनों की आवाजाही होती है ऐसा पुराना पुल तोडनेसे कल्याण डोंबिवली के नागरिकों को, अम्ब्युलेंस को साथ ही वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। लष्कर को अगर इस पुल के निर्माण का ठेका दिया गया जो बिना भ्रष्टाचार और घुसखोरी के अच्छी क्वालिटी का पुल निर्माण होगा इसलिए संबंधीत विभाग को माननिय मुख्यमंत्री महोदय ने सुचना दें ऐसी मांग उन्होंने निवेदन द्वारा की।

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