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    मंत्रियों को घुमने के लिए हेलिकॉप्टर है किंतु बाढपिढीतों को बाहेर निकालने के लिए नहीं -शेट्टी

    MUMBAI (Maharashtra Development Media) - After the social media surfaced today, Girish Mahajan, the water minister, in the flood affected area, is there a discussion in the entire state of Maharashtra as to whether the government is realizing the grief of the flood victims. Girish Mahajan came out to visit the flood situation while posing for his selfie photo, showing his hand to someone who has come to have fun on a tour. In that video, Girish Mahajan is accompanied by some workers and police on the kayak. After the whirlpool of this video, there is now a comment on the government by the opposition.  Swabhimani Shetkari Sanghatna leader Raju Shetty, while targeting Girish Mahajan and Chief Minister Devendra Fadnavis, said that the citizens of this ruling are not feeling sad. In them, human is dead. A chopper is needed to get flooded people out of the water. Looking at the flood, it can be seen that not even 1 inch of ground is left. In such a situation, helicopters are available to roam these leaders, but not to save the flood victims.  The flood situation in 2005 was similarly severe. At the time Vilasrao Deshmukh had asked for Lashkar's helicopter and rescued those who had drowned in the flood, and see him enjoying himself in such a situation. The Bharatiya Janata Party is helping by putting up a banner. The party is not giving up campaigning in such a situation on the pretext of helping.  There is a flood situation in these places and it seems important to politicize these people. We are just showing them something to the general public. A village has been given 2 to 3 kayaks while hundreds of people are stuck in those villages. Raju Shetty said in the end that how will the people get safe in the number of hundreds of these 2 Kashmiris.
    मुंबई (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन बाढग्रस्त जगह पर कशती में आनंद लेने जैसी एक व्हिडीओ आज सोशल मिडियासे सामने आने के बाद क्या सचमें सरकार बाढपिढीतों का दुख समज रही है या दिखावा कर रही है ऐसी संपुर्ण महाराष्ट्र राज्य में चर्चा है। बाढ परिस्थिती का दौरा के लिए निकले गिरीश महाजन अपना सेल्फी फोटो के लिए पोझ देते हुए, हात दिखाते हुए ऐसे की कोई टुर पर मौज करने आए है ऐसा व्हिडीओ में देखा गया। उस व्हिडीओ में गिरीश महाजन इनके साथ कुछ कार्यकर्ते और पुलिस भी कश्ती पर है । इस व्हिडीओ के व्हायरल होने के बाद अब विपक्ष द्वारा सरकारपर टिका टिप्पणी की जा रही है।
    स्वाभिमानी शेतकरी संघटना के नेता राजू शेट्टी ने गिरीश महाजन एवं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि, इस सत्ताधारीयों को नागरिकों का दुख महसुस नहीं हो रही है। उनमें इन्सानियम मर चुकी है। बाढग्रस्तों को पानी से बाहर निकालने के लिए हेलिकॉप्टर की जरुरत है। बाढ को देखते हुए 1 इंच भी जमिन बची नही है यह देखा जा सकता है। ऐसे में इन नेताओं को घुमने के लिए हेलिकॉप्टर उपलब्ध हो जाती है किन्तु बाढपिढीतों को बचाने के लिए नहीं.
    2005 में बाढ परिस्थिती इसी तरह गंभीर थी। उस वक्त स्व. विलासराव देशमुख ने लष्कर के हेलिकॉप्टर को मंगाकर बाढ में डुबने वालों का रेस्क्यु किया था, और उन्हे देखिए जो खुद ऐसी परिस्थिती में मजा ले रही है। भारतीय जनता पार्टी का बैनर लगाकर मदत कर रही है। मदत करने के बहाने पार्टी ऐसी स्थिती में भी प्रचार करना छोड नहीं रही है।
    इन जगहों पर बाढ परिस्थिती है और इन लोगों को राजनिती करना महत्त्वपूर्ण लग रही है। हम कुछ तो कर रही है ऐसा इन्हे आम जनता को सिर्फ दिखाना है। एक गांव को 2 से 3 कश्ती दी गई है जबकी उन गावों में सैकडों की तादाद में लोग अटके है। इन 2 -3 कश्तीयों से सैकडों की तादाद में लोगों को सुरक्षित कैसे निकालेगी ये सरकार ऐसी भी राजू शेट्टी ने आखिर में कहा।

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