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    उल्हासनगर की 4,500 बहनों का भाई कुमार आयलानी आगामी चुनाव के वक्त ही कैसे पैदा हुआ ?

    उल्हासनगर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- लोनावला के कुमार रेसॉर्ट में रहेंगे हम घर नहीं जाएंगे हम यह टैगलाईन भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुमार आयलानी एवं उनके भाजपाईयों को देखकर हमेशा याद आती है। खैर... हालही में उल्हासनगर के 4500 बहनों को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में साडी देकर उन्हे भाई का प्यार जताने के लिए ऐन चुनाव को मद्देनजर रखते हुए मुहबोला भाई हालहीं में पैदा हुआ है । इस मुहबोले भाई का नाम कुमार आयलानी बताया जा रहा है। जीहां, भारतीय जनता पार्टी के उल्हासनगर जिला पदाधिकारी और पूर्व विधायक कुमार आयलानी को इस वर्ष अचानक उल्हासनगर में उनकी 4500 बहनें है इस बात का उन्हे स्मरण हुआ। इसलिए उन बहनों को रक्षाबंधन के त्यौहार पर साडी भेंट स्वरुप देकर उनके हाथों राखी बंधवाने का काम कुमार आयलानी ने किया। लेकिन आगामी चुनाव को देख जो 4500 बहनों का भाई इस वर्ष 2019 को पैदा हुआ वह इतने साल कहां था ? इस भाई के 4500 उल्हासनगर शहर की बहनें (महिलाएं) इतने साल शहर में कई समस्याओं का सामना कर रही थी उस वक्त कुमार आयलानी ने अपने भाई होने का क्या फर्ज निभाया ऐसा सवाल उल्हासनगर की जनता अब पुछ रही है। 
    कुमार आयलानी एक उद्योजक और बिझनेस मैन की हैसियत से उन्होंने आजतक उल्हासनगर शहर में अपना कारोबार किया। समाजसेवा और राजनिती के नाम पर उन्होंने अपनी कई दुकानें चलाई है। उन्होंने बिझनेसमैन से विधायक तक का अपना सफर तय किया जिसमें उन्हे उल्हासनगरवासीयों की कितनी चिंता है यह देखते हुए उन्हे बाद वाले चुनाव में उल्हासनगर शहर की जनता ने तंबोरा हात में देकर कालानी परिवार की श्रीमती. ज्योती पप्पू कालानी को विधायक बनाया। उसके बाद मानों कुमार आयलानी को राजनैतिक एवं पर्सनल समस्याओं ने जकड लिया था। राजनिती में असफलता, शारिरीक स्वास्थ्य में बिगाड, लोनावला के उनके अवैध फार्म हाऊस पर प्रशासन का हथोडा ऐसी एक ना अनेक समस्याओं और असफलता का आयलानी को सामना करना पडा। इन दिनों उन्होंने कभी उल्हासनगर शहर के 4500 बहनों को याद नहीं किया यह बात उल्हासनगरवासीयों ने नोट करके रखना चाहिए।
    आगामी विधानसभा चुनाव को देख उल्हासनगर के भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक कुमार आयलानी जिसप्रकार त्यौहारों को अपना राजनैतिक अजेंडा बनाकर प्रचार यंत्र सामग्री बनाकर लोगों को लुभाने का काम कर रहे है क्या इसमें वे सफल होंगे ? उल्हासनगर शहर की 4500 महिना भगिनों को साडी देकर क्या वह इतने साल शहर की समस्याओं को झूझ रहे इन महिलाओं को दुखभरे दिन भुला पायेंगे ? विधायक से पूर्व विधायक के दौर तक जिसप्रकार का कुमार आयलानी का उल्हासनगर शहर के नागरिकों के प्रति व्यवहार था जिसके चलते कुमार आयलानी से हजारों की तादाद में लोग नाराज हुए थे क्या वे सब इन साल के मुफ्त की साडी से लोग खासकर उल्हासनगर शहर की महिलाएं भुला पाएंगे। कुमार आयलानी ने अगर हर साल उल्हासनगर शहर के अपने बहनों को याद कर 4500 बहनों का छोडिये 45 बहनों के हाथों भी राखी बंधवाकर उन्हे साडीयां भेट देते थे जो आज 4500 बहनों को साडी देने पर सवाल नहीं उठते थे लेकिन उन्होंने आगामी चुनाव एवं अपने प्रचार को ध्यान में रखकर बहनों और रक्षाबंधन त्यौहार का इस्तेमाल करने का असफल प्रयास करनेसे उनपर शहर भर में जोरदार टिका हो रही है।
    रक्षाबंधन के त्योहार में साडी देकर और तीज के त्योहार में मुफ्त की मेहेंदी लगाकर क्या उल्हासनगर शहर की महिलाओं की 5 सालों की सारी समस्या कुमार आयलानी और उनके भारतीय जनता पार्टी ने हल की है। ऐसा अगर उन्हे लगता होगा तो आनेवाले चुनाव में लोग वोट देते वक्त सच्चा भाई कौन और मुहबोला भाई कौन ये बताएंगे।

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