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    मराठवाडा इसबार भी सुखा : पानी के लिए लातूरकर करेंगे डैम आंदोलन

    Latur (Maharashtra Development Media) - In one place, due to the torrential rains in western Maharashtra and Kokan, there has been flooding, while in Latur district on the other side people are craving for a drop of rain. People of the Ausa village campus with a population of fifty thousand are still wandering rate for water, due to which the residents today closed the city for water and prohibited the government.  Tawarja Dam, which supplies water to Ausa town, has been completely dried up. This incident is now spent four months. In the hope of changing this situation in the rain, people waited, but due to the circumstances, people have been troubled for water.  Different types of agitation were done to supply water from time to time. The administration also intervened with this movement, the only remedy was that nothing was done. Ausa plans to supply water from Makani Dam to the city, for which a fund of Rs 40 crore is required. The plan is stuck due to lack of administrative recognition.  Even in this season of torrential rains, the citizens of Ausa city have to deviate from the rate for water. Today, the administration has called a bandh by all the parties to reach the voice of the problem of the general public. In which members of Vividh Sanghatna, Vidyarthi Sanghatna and Mahila Bachat Ghats succeeded 100 percent bandh of Ausa city.  All the markets of the city, schools, colleges were closed. In such a situation, a request was given to the administration officer by the boat of Chief Minister Devendra Fadnavis. All party leaders, workers, women, students and businessmen were involved in this bandh.
    लातूर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- एक जगह पश्र्चिम महाराष्ट्र एवं कोकन में मुसलाधार बारीश के चलते बाढ आ चुका है तो दुसरी ओर लातूर जिला में अब तक बारिश की एक बुंद के लिए लोग तरस रहे है। पचास हजार जनसंख्या के औसा गाव परिसर के लोग आज भी पानी के लिए दर दर भटक रहे है, जिसके चलते आज पानी के लिए रहिवासीयों ने शहर बंद कर सरकार का निषेध किया।
    औसा शहर को पानी सप्लाई करने वाली तावरजा डैम पुरी तरह से सुखा पड चुका है। इस घटना को अब चार महिने बित रहे है। बारिश में इस परिस्थिती में बदलाव आने की आशा में लोगों ने इंतजार किया लेकिन परिस्थितीमे कोई बदलाव न आने के कारण पानी के लिए लोग हैरान - परेशान हो चुके है।
    पानी सप्लाई समय समय पर करने के लिए अगल अगल प्रकार की आंदोलन की गई। प्रशासन से इस आंदोलन की दखल भी ली मात्र उपाययोजना कुछ भी नहीं किया गया। औसा शहर को माकणी डैम से पानी सप्लाई करने की योजना तय्यार है जिसके लिए 40 करोड रुपयों के निधी की तरतूद है। मात्र प्रशासकिय मान्यता न मिलने से यह योजना आजभी अटकी पडी है।
    मुसलाधार बारिश के इस मौसम में भी औसा शहर के नागरिकों को पानी के लिए दर दर भटकना पड रही है। आज प्रशासनतक आम जनता की समस्या की आवाज पहुंचे के मकसद से सभी पार्टी द्वारा बंद की पुकार की गई। जिसमें विविध संघटना, विद्यार्थी संघटना एवं महिला बचत गटों के सदस्यों ने औसा शहर 100 प्रतिशत बंद को सफल किया।
    शहर के सभी बाजारपेठ, स्कुल, महाविद्यालय बंद थी। ऐसे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के नाव से एक निवेदन प्रशासन अधिकारी को दिया गया। इस बंद में सभी पार्टी के नेता, कार्यकर्ते, महिला, विद्यार्थी एवं व्यापारी शामिल थे।

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