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    मैक्सीलाईफ अस्पताल में सिर्फ पैसों की पहचान, मरिजों की कीमत कोई नहीं -टायगर ग्रुप ईर्शाद शेख

    Ulhasnagar (Maharashtra Development Media) - Only money is being identified at the Maxi Life Neuro Criticare and Risors Center Hospital located in Ulhasnagar city 17 section. He has told how the doctors and management of Maxi Life Hospital misbehave with their patients, alleging that the hospital's head of the Ulhasnagar Tiger Group, Ershad Bhai Sheikh.  Tigers Group Ulhasnagar Sheher, Ershad Sheikh said that, what do the doctors of Maxi Life Hospital think about themselves? It is their duty to save the lives of the marriages and the marriages enter the hospital for good treatment and treatment, but the doctors here treat the marriages and their relatives badly. At the time of emergency, the patient is played with the lives of the marriages by immediately admitting the treatment and instead of getting stuck in the procedure. In the emergency, while giving medicine by medicine, until the advance payment of medicines is made, the patients and their relatives are completely treated by the doctors.  Let me tell you that, even after making the advance payment while admitting the patient, the medicines are stopped by his medical for some outstanding amount, seeing that Maxi Life Hospital does not even play for the lives of the people due to some money. . In the emergency, his relatives get upset after seeing the condition of Marriage, in such a situation, instead of encouraging him, Dr. Jaffer first fill up the money and then talk.  It may be noted that some months ago, due to this nature, the Maxi Life Hospital in Ulhasnagar came in the headlines. At that time, 4-5 die ICU due to lightning for 8-9 hours. I was angry with my death. At that time the power backup with this hospital after 8-9 hours was on the verge of being completely destroyed. Even at that time, some social workers raised the issue and told how hollow Maxi Life Hospital in Ulhasnagar is inside. At that time some politicians tried to suppress the matter. This time Punha is coming in the headlines of Dr. Jaffer and his Maxi Life Hospital due to which the management needs to take initiative to stop the misbehavior with the girls by rectifying their mistakes.  The group's president, Ershad Sheikh, further said that, against the Maxi Life Hospital, the Ulhasnagar Tiger Group met the Health Minister Eknath Shinde of Maharashtra Government and the Health Officer of Ulhasnagar Municipality and requested them how the Maxi Life Hospital along with their families and their relatives We will complain about playing with compulsion.
    उल्हासनगर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- उल्हासनगर शहर 17 सेक्शन स्थित मैक्सी लाईफ न्युरो क्रिटीकेअर एण्ड रिसर्स सेंटर अस्पताल में सिर्फ पैसों की पहचान यहां मरिजों की कीमत कोई नहीं ऐसा आरोप लगाया जा रहा है। उल्हासनगर टायगर ग्रुप के शहराध्यक्ष ईर्शाद भाई शेख ने अस्पताल पर यह आरोप लगाते हुए किस तरह मैक्सी लाईफ अस्पताल के डॉक्टर एवं मैनेजमेंट अपने मरिजों के साथ दुर्व्यवहार करती है यह उन्होंने बताया है।
    टायगर ग्रुप उल्हासनगर शहराध्यक्ष ईर्शाद शेख ने कहा कि, मैक्सी लाईफ अस्पताल के डॉक्टर न जाने अपने आपको क्या समझते है। मरिजों की जान बचाना उनका फर्स है तथा मरिज अच्छी ट्रीटमेंट एवं दवाउपचार के लिए अस्पताल में दाखिल होते है लेकिन मरिजों के एवं उनके रिश्तेदारों के साथ यहां के डॉक्टर बेहत बुरी तरह से बरताव करते है। एमर्जन्सी के वक्त पेशन्ट को तुरंत एडमिट करके उपचार करने के बजाय प्रोसिजर में अटकाकर मरिजों के जान के साथ खेला जाता है। आपात स्थिती में दवा मेडिकल द्वारा देते वक्त जब तक दवाईयों का अडवान्स पेमेन्ट नहीं होता तब तक मरिजों को एवं उनके रिश्तेदातों को बडे ही पुरी तरह बरताव डॉक्टरों द्वारा झलिल किया जाता है। 
    बता दें कि, पेशंट को अडमिट करते वक्त रिसेप्शन पे अडवान्स पेमेंट करने के बाद भी कुछ बकाया राशि के लिए दवाईयां उन्हीके मेडिकल द्वारा रोक दी जाती है जिसे देख मैक्सी लाईफ अस्पताल चंद पैसों के चलते मरिजों के जान से भी खेलने को भी नहीं करताती है. आपात स्थिती में मरिज की हालत को देख उनके रिश्तेदार बुरी तरह परेशान हो जाते है ऐसे में उन्हे हौसला देने के बजाय डॉ. जाफर सबसे पहले पैसे भरो फिर बात करो ऐसा कहते है। 
    गौरतलब हो कि, कुछ माह पुर्व भी अपने इसी स्वभाव के चलते उल्हासनगर का मैक्सी लाईफ अस्पताल सुर्खीयों में आया था। उस वक्त 8-9 घंटों तक बिजली जाने से 4-5 मरिज आई.सी.यु. में अपने मौत से झुंझ रहे थे। उस वक्त इस अस्पताल के पास 8-9 घंटों के बाद वाला बिजली बैकअप पुरी तरह खतम होने की कगार पर था। उस वक्त भी कुछ समाजसेवकों ने इस मुद्दे को उठाते हुए उल्हासनगर का मैक्सी लाईफ अस्पताल अंदर से कितना खोखला है यह बताया। उस वक्त कुछ राजनैतिकों ने बात को दबाने की कोशिश की थी। इस बार पुन्हा डॉ. जाफर एवं उनकी मैक्सी लाईफ अस्पताल सुर्खीयों में आ रही है जिसके चलते मैनेजमेंट ने अपने गलतीयों को सुधारकर मरिजों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार को रोकने के लिए पहल करने की आवश्यकता है।
    ग्रुप के अध्यक्ष ईर्शाद शेख ने आगे कहा कि, मैक्सी लाईफ अस्पताल के खिलाफ उल्हासनगर टायगर ग्रुप महाराष्ट्र सरकार के आरोग्य मंत्री एकनाथ शिंदे एवं उल्हासनगर महापालिका के आरोग्य अधिकारी से मुलाकात कर उन्हे निवेदन देकर मैक्सी लाईफ अस्पताल किस प्रकार अपने मरिजों के साथ एवं उनके रिश्तेदारों के मजबुरी के साथ खेलते है इसकी शिकायत करेंगे।

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