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    रोहा चणेरा जमीन व्यवहार में घोटाला करनेवाले दोषी अधिकारीयों पर कडी कारवाई की मांग

    रोहा (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- रोहा तालुका स्थित चाणेरा के पास के दिव गाव में खाजण जमिन बिक्री में बडे पैमाने पर घोटाला होने से तालुका में जमिन घोटाला की जोरदार चर्चा है। इस मामले में दलालों के साथ साथ महसूल विभाग के भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारीयों की भी किस प्रकार मिलीभगत है इसकी पुरी जांच कर संबंधी दोषी अधिकारी और कर्मचारीयों पर कठोर कारवाई की जाए ऐसी मांग रोहा तालुका और शिवसेना पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारीयों ने रायगड के पालकमंत्री रविंद्र चव्हाण के निवेदन के रुप में की है।
    रोहा तालुका में बाढपरिस्थिती का ब्योरा लेने जब पालकमंत्री रोहा में आए उस वक्त उन्हे यह निवेदन दिया गया। उस वक्त शिवसेना तालुकाप्रमुख समीर शेडगे, भाजपा तालुका अध्यक्ष सोपान जांभेकर, समन्वय समिती अध्यक्ष संजय कोनकर, भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अमित घाग, शहर अध्यक्ष शैलेश रावकर, संतोष एवं अन्य पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजुद थे।
    रायगड जिला के चणेरा सीमा भाग में रिफायनरी के आने की पुरी संभावना होने से जमिन व्यवहार की ब्रिकी में बढोतरी देखने को मिल रहा है। कई छोटे बडे दलालों ने जमिन बिक्री का आतंक मचा रखा है। सैकडों आम नागरिकों एवं मुलनिवासियों की जमिन को कोडियो की भाव लेकर अमिरों को बेची जा रही है। उसी जमिन पर अब रिफायनरी, सिडको का प्रोजेक्ट और अन्य उद्योग धंदों के हिसाब से ज्यादा दरों में जमिन की बिक्री की जाएगी। यह एक प्रकार सरकार, आम जनता, मुलनिवासी सभी के साथ किया गया धोखा है चिटींग है। इसी प्रकार का गोरखधंदा रोहा, मुरुड, अलिबाग तालुका साथ साथ चणेरा विभाग में भी धडल्ले से हो रहा है।
    स्थानिय माणगांव इलाके के कई दलालों और भुमाफियाओं ने सैकडो एकर जमिन अमिरों और राजनैतिक दलों के नेताओं के लिए खरिदने को शुरुवात की है। इस जमिन घोटाले में पैसों की लालच में सरकारी अधिकारीयों ने भी ऐसी जमिन ब्रिकी के व्यवहार को जलद गती से पुरा करने की बात सामने आ रही है। बता दें कि, सरकारी खाजण जमिन पहले किसानों के नाम पर करके, उसके बाद कुलमुखत्यार कर उसी जमिन को अमिरों को और राजनैतिक दलों के नेताओं साथ ही उनके रिश्तेदारों को बेचा जा रहा है उनके नाम जमिन कराया जा रहा है। इस जमिन घोटाले में महसुल अधिकारीयों की मिलीभगत होने की बात भी ज्यादा देर तक नहीं छुप सकी। इसप्रकारका गोरखधंदा जल्द एक्स्पोस होकर आम जनता जनआंदोलन साथ ही अब शिवसेना पार्टी द्वारा खाजण जमिन के गैरव्यवहार की जांच की मांग सरकार से की है।
    दिव गांव हद्द के गट क्रमांक एवं उपविभाग 133 सातबारा के उपर से कुल 342 एकर सरकारी खाजण जमिन ऐंठने की बात सामने आ रही है। पहले यह जमिन स्थानिय किसान के नाम उसके बाद जमिन कुलमुखत्यार अधिकार से अमिरों, राजनैतिक दलों के नेताओं और उनके रिश्तेदारों को बेची गई। इस बात की खबर लगते ही समाजसेविका उल्का महाजन ने सभी व्यवहार को रद्द करने की मांग की है। विभागप्रमुख उद्दे वाडकर ने वरिष्ठ स्तरवर सरकार द्वारा इस प्रकरण की जांच करने चाहिए ऐसा कहा। आखिरकार रोहा महसूल विभाग किस प्रकार का गोरखधंदा करती है इसे देख डिपार्टमेंट का नाम और बदनाम ना हो इसलिए गट क्रमांक 133 सातबारा के सभी व्यवहार को रद्द किया गया जिससे दलालों से लेकर अमिर जमिन ऐंठने का सपना देखनेवाले राजनैतिक दलों के नेता महोदय सभी के होश उड गये। मुलनिवासियों और शिवसेना पार्टी के कार्यकर्त्याओं द्वारा किये गये जनआंदोलन की वजह से उक्त डिपार्टमेंट द्वारा व्यवहार रद्द का आदेश दिया गया।
    अब खाजण जमिन के गैरव्यवहार को किसने किया, इसमें कौन कौनसे भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी शामिल थे इन सभी विषयों की सीबीआय जांच होनी चाहिए ऐसी मांग अब सिवसेना ग्राहक संरक्षण कक्ष की ओर से बुधवार को निवेदनद्वारा की गई। दलाल, महसूल विभाग के संबंधित अधिकारी, कर्मचारी ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर सातबारा में अन्य हक्क का पिकपानी दर्ज कर घोटाला किया है ऐसी सभी जमिन व्यवहारों की अब जांच होकर संबंधीतों पर कठोर कारवाई की पालकमंत्री से मांग की गई है।

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