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    मुंबई के मेयर को "औरतों का सम्मान कैसे किया जाता है" इसका महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने पाठ सिखाया

    Mumbai (Maharashtra Development Media) - Recently there was an incident of Mumbai Mayor Vishwanath Mahadeshwar breaking the hand of a woman who was denying him. At that time, the people present there, after posting a video in the social media about the incident, how the mayor is presenting to the general public of his area and by prohibiting the mayor, he is threatened by breaking the hand of the woman asking the question. There was a strong discussion in The Maharashtra Navnirman Sena has sought to take action against the Mumbai Mayor of Shiv Sena Party Vishwanath Mahadeshwar, who looted the hand of a woman while taking up the subject. Meanwhile, to teach Sikhs how Mayor Mahadeshwar should respect women, this book was sent to him by MNS party by MNS party. The mayor did not accept this gift himself, but the book was kept outside the mayor's cabin and the book was kept by MNS by an effigy of Chhatrapati Shivaji Maharaj. Such a message for the mayor was also written on the book Bhetaswaroop. Along with this, a request has also been made by MNS with the given book. In this request, MNS has requested Mayor Vishwanath Mahadeshwar that the mayor has done this kind of act is blasphemous. In order to repent of this act, he will soon give his resignation. Such a demand has also been made by MNS in the said request.  Tum First Civil Mayor of Mumbai occupies this constitutional post. In such a situation, it is wrong to do so by holding the hand of a woman and beating her. The MNS has been rebuked by the MNS in such harsh words. It was further written in the request that, we are in the Swarajya of Shivshtrapati Maharaj. Women have great respect in Shivaji Maharaj's Swarajya. You should also treat women likewise. In view of this act of the mayor, this Shivniti deserves education. Therefore, by apologizing to the general public, he should introspect on the deeds done by the Mayor.
    मुंबई (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- हालही में मुंबई के मेयर विश्र्वनाथ महाडेश्वर द्वारा उनका निषेध कर रही महिला के हाथ को मरोडने की घटना घटी। उस वक्त वहां पर उपस्थित लोगों ने उस घटना का व्हिडीओ शुट कर सोशल मिडिया में पोस्ट करने के बाद महापौर किस प्रकार अपने क्षेत्र के आम जनता से पेशाते है एवं महापौर का निषेध कर उनको सवाल पुछनेवाली महिला का हाथ मरोडकर उन्हे धमकाया जाता है इसपर पुरे महाराष्ट्र में जोरदार चर्चा चली। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने इस विषय को तेहतक लेजाते हुए एक महिला का हाथ मरोडनेवाले शिवसेना पार्टी के मुंबई महापौर विश्र्वनाथ महाडेश्वर के उपर कानुनी कारवाई करने की मांग की जा रही है। इसी दौरान महापौर महाडेश्वर को महिलाओं का सम्मान कैसे करना चाहिए यह सिख सिखाने के लिए मनसे पार्टी द्वारा उन्हे शिवछत्रपतींची स्त्री निती यह किताब भेट स्वरुप मनसेद्वारा भेजी गई। इस भेट को महापौर ने खुद नहीं स्विकाराला लेकिन किताब को महापौर के कैबिन के बाहर जाकर उसजगह पर छत्रपती शिवाजी महाराज के पुतले के पास किताब को मनसेद्वारा रखा गया। महापौर के लिए भेट ऐसा संदेश भी भेटस्वरुप किताब पर लिखा गया। साथ ही भेट दी गई किताब के साथ मनसे द्वारा एक निवेदन भी दिया गया है। इस निवेदन में मनसे ने महापौर विश्र्वनाथ महाडेश्वर से निवेदन किया है कि, महापौर ने इस प्रकार की करतुत की है वह निंदनिय है। इस करतुत का पश्चाताप करने के लिए वे जल्द ही अपना अस्तिफा दे ऐसी मांग भी उक्त निवेदन में मनसे द्वारा की गई है।
    मुंबई के तुम प्रथम नागरिक महापौर इस संविधानिक पद पर विराजमान है। ऐसे स्थिती में एक महिला का हाथ पकडकर उसे मरोडना ऐसी करतुत करना गलत है। ऐसे कडक शब्दों में मनसे द्वारा महापौर को निवेदन स्वरुप फटकारा गया है। आगे निवेदन में लिखा गया कि, हम शिवशत्रपती महाराज के स्वराज्य में है। महिलाओं को शिवाजी महाराज के स्वराज्य में बडा मान-सन्मान होता है। आपको भी इसी तरह महिलाओं के साथ पेशाना चाहिए । महापौर के इस कृत्य को देखते हुए यह शिवनिती नुसार शिक्षा को पात्र है। इसिलिए मेयर साहब ने जो करतूत की है उसपर उन्हे आम जनता से माफी मांगकर उन्होंने आत्मपरिक्षण करना चाहिए।

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