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    ठाणे महापालिका आयोजित गणेश उत्सव में हिंदी मराठी नहीं बल्कि गुजराथी भाषा में लगाये बैनर

    Thane (Maharashtra Development Media) - While the Maharashtra government should give importance to the Marathi language, even the Marathi language department has been set up, while the Thane municipality has set up information boards and banners in Gujarati language, ignoring the Marathi language.  In fact, in this Ganeshotsav, Thane Mahapalika has put up banners depicting information in Gujarati language in a public Ganeshotsav pandal at a place in Thane city. Apart from Gujarati language, Hindi or Marathi language could not be seen anywhere, due to which the people of Maharashtra Navnirman Sena Thane city as well as the officials of Thane city expressed their anger on Thane Mahapalika in Thane Gujarat or in Maharashtra state. .  Let us know that the ruling party is insulting the Marathi language in some way by ignoring the Marathi language at the place or by using Gujarati or just Hindi language there. Maharashtra Navnirman Sena is taking every news of such acts of the ruling party and the government and instead of Marathi language, posting photo of banners written in Gujarati on social media as well as complaining to the administration is fighting in the interest of Marathi language .
    ठाणे (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- जहा महाराष्ट्र सरकार मराठी भाषा को महत्व देना चाहिए ऐसा कहते हुए मराठी भाषा विभाग तक की स्थापना कर दी वहीं ठाणे महापालिका ने मराठी भाषा को नजरअंदाज करते हुए गुजराती भाषा में सुचना बोर्ड और बैनर लगाए है।
    दरअसल, इस गणेशोत्सव में ठाणे महापालिका ने ठाणे शहर के एक जगह सार्वजनिक गणेशोत्सव पंडाल में गुजराती भाषा में सुचनाएं दर्शाने वाले बैनर लगाए है। गुजराथी भाषा के अलावा हिंदी या मराठी भाषा कहीं पर भी नजर नहीं आ रहा था, जिसके कारण आनेवाले लोगों ने साथ ही महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ठाणे शहर के पदाधिकारीयों ने ठाणे महापालिका पर नाराजी जताते हुए ठाणे गुजरात में है या महाराष्ट्र राज्य में ऐसा सवाल पुछा है।


    बता दें कि सत्तापक्ष जगह जगह पर मराठी भाषा को नजरअंदाज कर वहां पर गुजराथी या फिर सिर्फ हिंदी भाषा का प्रयोग कर एक तरह से मराठी भाषा का अपमान कर रहे है। सत्तापक्ष और सरकार के ऐसे कारनामों की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना हर बार जमकर खबर ले रही है और मराठी भाषा की जगह गुजराथी में लिखे गये बैनरों का फोटो सोशल मिडियापर पोस्ट करते हुए साथ ही प्रशासन के पास शिकायत कर्ते हुए मराठी भाषा के हित में लढ रही है।

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