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    गडकिलों का होटल में रुपांतर कभी नहीं होने देंगे, मुख्यमंत्री महोदय आदेश तुरंत वापस लिजिए -संभाजीराजे

    Mumbai (Maharashtra Development Media) - The government has approved the construction of hotels and resorts in the state by giving Gadkilo to private contractors. The Maharashtra Tourism Development Mahamandal has listed a total of 25 gadkils. The state cabinet has approved this new dharna on 3 September. Due to which MTDC can now rent the state government-owned gakkilo advance tax.  On some of the roads in Maharashtra, the government will allow you to hostel for tourist promotion, I got the news that I was in Mumbai at that time. Immediately meeting Chief Minister Devendra Fadnavis and expressing displeasure on the subject, the government should not allow any Gadkila to hotell otherwise the sentiments of Shiv Devotees would be hurt, he told the MP, Sambhajiiraje told the media.  The Chief Minister has told me about the Ministry's immediate adjournment order on this subject. Likewise in July month, there was a strong protest on Gadkillon for making a hotel. Every Gadkila of Maharashtra is the identity of the state of Maharashtra. All the Gadkila is sacred from the feet of Maharaja. Instead of resorting to hotel-resorts on these roads, fortification of those forts will be done, even then, not only will millions of tourists from all over the world come to see this historic site, which will also provide employment to the local youths, but also to preserve the rich heritage. Solution will also be found.  Due to this decision of the government, the protesters and the opposition are strongly protesting the government's Tughlaq Farman. Nationalist Congress leader Jitendra Awhad has also opposed this decision of the government. This decision is Tughlaki, an insult to Marathi soil and identity. Awahan has said that while posting Gadkille is not the property of anyone's father.
    मुंबई (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- राज्य के गडकिलो को निजी ठेकेदारों को देकर वहां पर हॉटल और रेसॉर्ट बनाने के लिए सरकार ने मंजुरी दी है। महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल ने कुल 25 गडकिलों की लिस्ट तयार की है। राज्य मंत्रीमंडल ने 3 सितंबर को इस नये धोरण को अनुमती दी है। जिसके कारण अब एमटीडीसी राज्य सरकार के मालिकाना हक्क के गडकिलो अग्रिमेंट कर किराये पर दे सकती है। 
    महाराष्ट्र के कुछ गडकिलों पर पर्यटक बढाए के लिए हॉटेल करने की अनुमती सरकार द्वारा दी जाएगी ऐसी खबर पढने मिली, उस वक्त मै मुंबई में ही था। तुरंत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की मुलाकत कर इस विषय पर नाराजी जताते हुए किसी भी गडकिले पर सरकार ने हॉटेल करने की अनुमती नहीं देनी चाहिए अन्यथा शिवभक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगा ऐसा उन्होंने मुख्यमंत्री से सहा ऐसी जानकारी सांसद संभाजीराजे ने मिडिया को दी।


    मुख्यमंत्री ने इस विषय पर तुरंत स्थगित आदेश संबंधीत मंत्रालय के देने की बात मुझे कही है। जुलाई महिने में भी इसी प्रकार गडकिल्लों पर हॉटल बनाने पर जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ था। महाराष्ट्र के हर एक गडकिले महाराष्ट्र राज्य की अस्मिता है। महाराज के चरणस्पर्श से सारे गडकिले पवित्र है। इन गडकिलों पर हॉटल - रेसॉर्ट करने के बजाय वहां उन किलों का जतन कर संवर्धन किया जाए तब भी देशभर ही नहीं दुनियाभर से लाखो पर्यटक इस ऐतिहासिक स्थल को देखने आएंगे जिससे स्थानिक युवकों को रोजगार भी मिलेगा लेकिन उसके साथ ही समृद्ध विरासत को संरक्षित करने का समाधान भी मिलेगा। 
    सरकार के इस निर्णय से गडप्रेमी और विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर सरकार के तुघलक फर्मान का निषेध कर रहे है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता जितेंद्र आव्हाड ने भी सरकार के इस निर्णय का विरोध किया है। यह निर्णय तुघलकी है, मराठी मिट्ठी और अस्मिता का अपमान है. गडकिले किसी के बाप की जागीर नहीं है ऐसा आव्हान ने सोशल मिडियापर व्हिडीओ पोस्ट करते हुए कहा है।

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