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    गणेश नाईक ने बी.जे.पी. में प्रवेश करने से शिवसेना के मंत्री से ज्यादा बी.जे.पी. के विधायक किसन कथोरे हुए दुखी?

    Thane (Maharashtra Development Media) - The thinking of Bharatiya Janata Party's Murbad MLA Kishan Kathore breaking the red light will have its own time. Recently, Ganesh Naik has seen the entry of BJP.  These days, Ganesh Naik has plunged into the sea of ​​the Bharatiya Janata Party called Modi wave by tying the Nationalist Party alliance in the sea in Navi Mumbai city. Let me tell you, that Ganesh Naik's son Sanjeev Naik entered the Bharatiya Janata Party a few days ago and now the entire hope of sinking the Puri Naik Army Nationalist of Navi Mumbai and joining BJP was seen. On the other hand, Ganesh Naik entered the party in the presence of Chief Minister Devendra Fadnavis. Ganesh Naik will be joining BJP because of this Shiv Sena Minister Eknath Shinde along with BJP party Navi Mumbai MLA Manda Mhatre were very upset with the coming political movements but Ganesh Naik performed vigorously the way he has entered the Bharatiya Janata Party's Murbad Assembly There is a discussion in the city that the MLA is more unhappy than Shinde and Mhatre.  Actually, between Kisan Kathore and Ganesh Naik, there has been a political hatred for many years. It is also heard that Ganesh Naik is a nationalist, so he left the nationalist and entered the BJP party. At that time there was Modi wave and in that wave he became an MLA even after changing the party. After becoming MLA, he became fascinated with the red light - but the Bharatiya Janata Party did not pay any attention to the matter of making Kathore a minister. Due to this, Kishan Kathore was first in the Bharatiya Janata Party by making a separate identity in his constituency by making Kathore Mitra Mandal and increasing his supremacy but in the center and state, BJP By not paying attention to this, he finally continued the party work in the Murbad assembly. But one day he must have decided that his time will come to become a minister. But now it is clearly seen that Ganesh Naik will once again become the path of his path. Seeing the experience and domination of Ganesh Naik, the party is in the idea of ​​giving him the Ekaada Ministerial berth, due to which Mandatai Mhatre, who is a ministerial dreamer, as well as Kisan Kathore's dream of becoming a minister and for a few years is being told as Pospon.  In Thane district, politics has changed in such a way that there was a time when Ganesh Naik's Pura Thane district's empire was at an end and Kisan Kathore was a ministerial claimant, but now the time has changed in this way, due to which now once again The dominance of Ganesh Naik is also increasing in Thane district. There is a complete possibility of getting such a ministerial status. There is a discussion in the corridors of such political donations.
    ठाणे (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- लालबत्ती में घुमने का अपना टाईम आएगा ऐसा सोचनेवाले भारतीय जनता पार्टी के मुरबाड के विधायक किसन कथोरे का सप्ना टुटने के आसार हालहीं में गणेश नाईक ने भाजपा में प्रवेश करने से देखने को मिल रहा है।
    इन दिनों नवी मुंबई शहर में राष्ट्रवादी पार्टी की गठडी बांधकर समुंदर में फेंककर गणेश नाईक ने मोदी लहर कहलाए जानेवाले भारतीय जनता पार्टी के समुंदर में डुबकी मारी है। बता दें कि, गणेश नाईक के बेटे संजिव नाईक कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश करने से अब नवी मुंबई की पुरी नाईक सेना राष्ट्रवादी को डुबोकर भाजपा में जाने के पुरे पुरे आसार देखने को मिला। वहीं ऑफिशियल रुप से गणेश नाईक ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस के उपस्थिती में पार्टी में प्रवेश किया। गणेश नाईक भाजपा में आएंगे इससे शिवसेना के मंत्री एकनाथ शिंदे साथ साथ भाजपा पार्टी नवी मुंबई की विधायक मंदा म्हात्रे आनेवाले राजकिय हलचलों से काफी परेशान थे लेकिन गणेश नाईक ने जोरदार शक्ती प्रदर्शन करते हुए जिसप्रकार पार्टी में प्रवेश किया है भारतीय जनता पार्टी के मुरबाड विधानसभा के विधायक शिंदे और म्हात्रे से ज्यादा चिंतित और दुखी है ऐसी शहर में चर्चा है।


    दरअसल, किसन कथोरे और गणेश नाईक के बिच बहुत सालों से राजकिय बैर है। सुनने में तो यह भी आता है कि, गणेश नाईक राष्ट्रवादी में है इसलिए उन्होंने राष्ट्रवादी को छोडकर भाजपा पार्टी में प्रवेश किया था। उस वक्त मोदी लहर थी और उस लहर में वे पार्टी बदलने के बाद भी विधायक बन गये। विधायक बनते के बाद लालबत्ती - मंत्रीपद का उन्हे मोह लग गया लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कथोरे को मंत्री बनाने की बात पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते किसन कथोरे भारतीय जनता पार्टी में पहले तो अपने विधानसभा क्षेत्र में कथोरे मित्र मंडल बनाकर अपनी एक अलग पहचान बनाकर अपना वर्चस्व बढाने में लगे रहे लेकिन केंद्र और राज्य में बी.जे.पी. ने इस ओर ध्यान ना देने से उन्होने आखिरकार मुरबाड विधानसभा में पार्टी का काम जारी रखा। लेकिन एक ना एक दिन मंत्री बनने का अपना टाईम जरुर आएगा ऐसा उन्होंने मन में ठान लिया था। लेकिन अब गणेश नाईक फिर एक बार उनके रास्ते का रोढा बनेंगे ऐसा स्पष्ट रुप से देखने को मिल रहा है। गणेश नाईक का अनुभव और वर्चस्व को देख पार्टी उन्हे एखादा मंत्रीपद देने के विचार में है जिसके कारण मंत्रीपद का सपना देखनेवाले मंदाताई म्हात्रे के साथ साथ किसन कथोरे का भी मंत्री बनने का सपना और कुछ सालों तक पोस्पोन बताया जा रहा है।


    ठाणे जिला में राजनिती से इस तरह मोड बदल दिया है जहां एक वक्त था जब गणेश नाईक का पुरा ठाणे जिला का साम्राज्य खतम होने पर था और किसन कथोरे मंत्रीपद के दावेदार थे लेकिन अब समय ने इस तरह गुलाटी मारी है जिसके कारण अब फिर एक बाद ठाणे जिला में गणेश नाईक का वर्चस्व भी बढ रहा है ऐस मंत्रीपद भी मिलने की पुरी पुरी संभावना है ऐसी राजनैतिक दनों के गलियारों में चर्चा है।

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