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    पार्टी के सदस्यों द्वारा किसन कथोरे का जोरदार विरोध और शिवसेना के वामन म्हात्रे तक चलकर आ रहा विधायक पद का ताज

    बदलापूर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- वो कहते है ना के देने वाला जब भी देता, देता छप्पर फाड के... ठिक उसी तरह बदलापूर में शिवसेना शहरप्रमुख वामन म्हात्रे के साथ होने की पुरी संभावना नजर आ रही है।
    दरअसल, मुरबाड विधानसभा चुनाव 21 अक्टूबर को होनेवाला है ऐसे में वर्तमान विधायक किसन कथोरे जो के भारतीय जनता पार्टी के है, आए दिनों उनही के पार्टी के सदस्य और पदाधिकारीओं द्वारा उनका जमकर विरोध हो रहा है, जिसके कारण किसन कथोरे उर्फ आप्पा के ग्रह नक्षत्र बिगडने के पुरे आसार दिख रहे है। ऐसे में कल तक जो चर्चा में भी नही थे उस शक्स को ऐन मौके पर विधायक पद का ताज पहनने को मिल सकता है ऐसी शहर में चर्चा है।


    शिवसेना शहरप्रमुख वामन बारकु म्हात्रे पिछले कुछ सालों से स्थानिय नगरपालिका प्रशासन पर ध्यान देने से  2019 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार के रुप में उनके नाम तक की चर्चा नहीं थी लेकिन भारतीय जनता पार्टी में जिसप्रकार किसन कथोरे का जोरदार विरोध देखने को मिल रहा है साथ ही निष्ठावान कार्यकर्तांओं के साथ पार्टी हर चुनाव में अन्याय कर रही है इसे देख इस बार विधायक पद का ताज कही स्वयं चलकर वामन म्हात्रे के पास आने की पुरी संभावना नजर आ रही है। किसन कथोरे जिन्होंने पार्टी से इस बार फिर से विधानसभा चुनाव के तिकीट की मांग की है वहीं उन्ही के पार्टी के निष्ठावान और वरिष्ठ कार्यकर्ता नंदकिशोर (रामभाऊ) पातकर और शरद म्हात्रे इन दोनो उम्मीदवारों ने भी चुनाव लढने को इच्छुक बताते हुए तिकीट की मांग पार्टी हायकमांड से की है। तिकीट मांगवाले दोनो भी भाजपा के बडे ही सक्रीय समाजसेवक और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ता है और दोनो उम्मीदवारों का बदलापूर साथ साथ मुरबाड विधानसभा के सभी गांव और शहरों में अच्छी खासी पकड है, जिसके चलते दोनो भी विधायक के लिए दमदार कैंडिडेट माने जाते है। इन दोनों में से किसी को भी अगर भाजपा पार्टी तिकीट देती है तो भाजपा की सिट मुरबाड विधानसभा में जीत हासिल करना तैय है लेकिन अगर पार्टी ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं को इस बार भी नजरअंदाज करते हुए वर्तमान विधायक किसन कथोरे को ही उम्मीदवार घोषीत किया तब मुरबाड विधानसभा की पुरी फिल्म बदल जाएगी।


    भारतीय जनता पार्टी के हायकमांड ने अगर इस 2019 के विधानसभा चुनाव में 2014 के चुनाव की तरह किसन कथोरे को ही अपना उम्मीदवार घोषित किया तब पार्टी में जोरदार दरार पडने की पुरी संभावना है। पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ निष्ठावान काम करेंगे ऐसी पुरी शंका है। यह काम पार्टी के नही बल्कि एक विशिष्ट व्यक्ति के खिलाफ होगा जिसके कारण निष्ठावान कार्यकर्ता किसन कथोरे को हराने के लिए गठबंधन सरकार के मित्र पार्टी शिवसेना पार्टी के उम्मीदवार को मदत कर सकते है। अगर दोनों पार्टीयों में गठबंधन हो गया और शिवसेना पार्टी ने मुरबाड विधानसभा में अपना कैंडिडेट खडा नही किया तब यही निष्ठावान कार्यकर्ता अपक्ष भी खडे रहकर किसन कथोरे को हराने की पुरी कोशिश करने के आसार नजर आ रहे है जिसका फायदा राष्ट्रवादी पार्टी के उम्मीदवार को भी मिल सकता है ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है।


    बता दें कि, अब तक शिवसेना और भाजपा में युती की कोई भी अधिकृत्त रुप से पुष्टी नहीं हो पा रही है जिसके चलते मुरबाड विधानसभा में शिवसेना पार्टी अपना उम्मीदवार खडा कर सकती है। जिसमे सिनिअरिटी के हिसाब से पहला नाम वामन बारकु म्हात्रे का आता है। भारतीय जनता पार्टी ने अगर इस बार निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नाराज किया तो वे पार्टी को अपनी ताकद दिखाने और किसन कथोरे के साम्राज्य को खतम करने के लिए शिवसेना के उम्मीदवार को पुरी तरह से मदत करेंगे जिसके कारण मुरबाड विधानसभा में शिवसेना पार्टी की सत्ता आने की संभावना है। जिसप्रकार अनुमान लगाया गया है अगर उसी प्रकार हुआ तो किसन कथोरे को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड सकता है, भारतीय जनता पार्टी को अपने सिट से मुह मोड लेना पडेगा और  विधायक पद का ताज खुद चलकर शिवसेना के वामन म्हात्रे को पहनने को मिल सकता है।


    गौरतलब हो कि, मुरबाड विधानसभा क्षेत्र से निष्ठावान उम्मीदवार नंदकिशोर (रामभाऊ) पातकर भले ही पार्टी के खिलाफ जाकर चुनौती देने की संभावनाएं थोडी कम है लेकिन शरद म्हात्रे एक ऐसी मशाल है को कभी अन्याय होते देख चुप बैठने वालों में से नहीं है। उन्होंने आजतक कामगारों पर अन्याय करनेवालों के खिलाफ आवाज उठाया है तब यह तो स्वयं उनके और उनके पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं के उपर उन्याय होने की बात है ऐसे में वे आसानी से चुप नहीं बैठेंगे। साथ ही एक और बात भी नजर अंदाज नहीं कर सकते वो यह कि, शरद म्हात्रे जो कि भारतीय जनता पार्टी के कामगार आघाडी महाराष्ट्र सरचिटणीस है उन्होंने आज तक किसी नेता के सामने कभी हाथ नहीं फैलाया। उन्होंने कभी किसी का उपहार नहीं लिया, किसी के सामने वे कभी झुके नहीं उन्होंने आजतक सही का साथ दिया और गलत का खुलकर विरोध किया है जिसके कारण बदलापूर शहर और अंबरनाथ तालुका में उनकी लोकप्रियता टॉप पर है। साथ ही वे अपने आगरी समाज के हित में भी पिछले कई सालों से काम करते आ रहे है जिसके कारण आगरी समाज के लोगों में भी वे काफी लोकप्रिय है जिसके चलते वहां पर भी उनके शब्दों का मान रखा जाएगा और शिवसेना पार्टी के वामन म्हात्रे भी आगरी समाज के ही है और इत्तेफाक नहीं बल्कि सच्चाई यह है कि मुरबाड विधानसभा में भी आगरी समाज की तादाद बहुत ज्यादा है। इन सब परिस्थितीयों को देखकर यही अनुमान लगाया जा सकता है कि, निष्ठावान कार्यकर्ताओं को नाराज करना भारतीय जनता पार्टी को भारी पड सकता है।


    रही बात शिवसेना पार्टी की तो अगर अवसर खुद चलकर शिवसेना शहरप्रमुख वामन म्हात्रे के पास आता है तो वे इस मौके को कामयाब करने मे कोई कसर नहीं छोडेंगे। बदलापूर शहर में शिवसेना पार्टी की ओर से उन्होंने पिछले कई सालों से कई कारनामे किये है जिसके चलते मुरबाड विधानसभा में शिवसेना के नाम पर, साथ ही आगरी समाज के नाम पर और वामन म्हात्रे के नाम पर उन्हे आसानी से वोट मिल सकता है। साथ ही अगर भारतीय जनता पार्टी के निष्ठावान नाराज कार्यकर्ताओं ने शिवसेना के उम्मीदवार को मदत किया तब तो शिवसेना फुल फॉर्म में जीत को हासिल करेगी।

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