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    आर.टी.आय. एक्टीविस्ट अरुण सावंत पर गोली चलानेवाले अपराधियों को 9 साल तक नहीं ढुंढ पाई पुलिस !

    Badlapur (Maharashtra Development Media) - RTY resident of Badlapur. The police have so far failed to apprehend the criminals who shot dead activist Arun Sawant. It has been 19 years for this incident but till now no clue about the culprits was found by the police administration.  Let me tell you, Arun Sawant is an RTI Is an activist. On 26 February 2010, when Sawant got RTI from his motor cycle. While going to Badlapur municipality to give an opportunity, two unknown people in a motor cycle opened fire on Sawant. The bullet hit Sawant's back, after which he is paralyzed till today due to his spinal cord injury.  It may be noted that before 2010, Arun Sawant came to RTL to expose the corruption and frauds going on in Badlapur. Complaints in administration through He also complained against Murbad Assembly MLA Kisan Kathore in which MLA Kisan Kathore filed false documents while filing his nomination in the 2004 election. When Sawant started speaking and complaining against MLA Kisan Kathore, there was a shootout in which he was paralyzed. The police administration has not caught criminals who have been shot till date despite being so many years. Arun Sawant shooting case CBI Reached but due to non-availability of Pakta Sabun, Sawant could not get justice there and the inquiry file was closed.  Arun Sawant is paralyzed from 2010 till date, those who do his condition are still wandering freely in the city. In such a situation, the police administration is not investigating the case freely, according to the family of Pidit.  Arun Sawant firing case is coming for 19 years but till now the police have not caught the culprits. Sawant is still working against the ongoing RTI against corruption in the city. Under the complaint Pidit Sawant has not given up even after such a big attack. He filed false documents and contested elections in 2004 against Kisan Kathore and continues to battle against them even today.  Murbad Assembly MLA Kisan Kathore, who came from the Nationalist to the Bharatiya Janata Party, approached the Supreme Court to get rid of the case. The case is now going on in Ulhasnagar court and Pidit Arun Sawant still comes to the court expecting justice.
    बदलापूर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- बदलापूर के रहनेवाले आर.टी.आय. एक्टीविस्ट अरुण सावंत पर गोली चलाकर उन्हे अपाहिज करनेवाले अपराधियों को पकडने में पुलिस अब तक नाकाम रही। इस वारदात को अब 9 साल हो चुके है लेकिन अब तक अपराधियों के बारे में कोई भी सुराग पुलिस प्रशासन की नहीं मिली।
    बता दें कि, अरुण सावंत एक आर.टी.आय. एक्टीविस्ट है। सन 2010 फरवरी 26 को जब सावंत अपने मोटर सायकल से आर.टी.आय. एक्पीकेशन देने बदलापूर नगरपालिका जा रहे थे उस वक्त एक मोटर सायकल में सवार दो अंजान लोगों ने सावंत पर अंदाधुंत गोली चलाई। गोली सावंत के पीठ पर लगी जिसके बाद से उनकी स्पाईनल कॉर्ड जखमी होने से वे आज तक पेरालाईस्ड है।
    गौरतलब हो कि अरुण सावंत 2010 से पूर्व बदलापूर में चल रहे भ्रष्टाचार और गोरखधंदों का पर्दाफाश करने के लिए आर.टी.आय. के माध्यम से प्रशासन में शिकायत करते है। उन्होंने मुरबाड विधानसभा के विधायक किसन कथोरे के खिलाफ भी शिकायत की थी जिसमें विधायक किसन कथोरे ने 2004 के चुनाव में अपना नामांकन अर्ज देते वक्त झुठे दस्तावेज दाखिल किये थे। सावंत ने जब विधायक किसन कथोरे के खिलाफ बोलना और शिकायत करने शुरु किया ठिक उसी वक्त उनपर गोलीबारी हुई जिसमें वे पेरलाईस्ड हुए। पुलिस प्रशासन ने इतने साल होने के बावजुद आज तक गोली मारनेवाले अपराधियों को नहीं पकडा है। अरुण सावंत शुटिंग केस सी.बी.आय. तक पहुंची लेकिन पुक्ता सबुन ना मिलने से वहां पर भी सावंत को न्याय नहीं मिल पाया और जांच फाईल को बंद किया गया।
    अरुण सावंत 2010 से आज तक पेरालाईस्ड है, उनकी यह हालत करनेवाले आज भी शहर में बेझिझक घुम रहे है। ऐसे में पुलिस प्रशासन निःपक्ष रुप से केस की जांच नहीं कर रही है ऐसा पिडीत के परिवार का कहना है।
    अरुण सावंत गोलीबारी केस को अब 9 साल होने को आ रहा है लेकिन अब तक पुलिस ने अपराधियों को नहीं पकडा है। सावंत आज भी शहर में चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आर.टी.आय. के तहत शिकायत दर्ज करते है। पिडीत सावंत ने इतने बडे हमले के बाद भी हार नहीं मानी है। उन्होंने झुठे दस्तावेज दाखिल कर 2004 में चुनाव लढकर विधायक बने किसन कथोरे के खिलाफ आज भी उनकी जंग कायम है।
    राष्टवादी से भारतीय जनता पार्टी में आये मुरबाड विधानसभा के विधायक किसन कथोरे ने इस केस से छुंटने के लिए सुप्रिम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया। केस अब उल्हासनगर कोर्ट में चल रहा है तथा पिडीत अरुण सावंत आज भी न्याय की अपेक्षा में कोर्ट में आते है।

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