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    उल्हासनगर भाजपा के सदस्य और अन्य 1 ने किया 14 साल की बच्ची का गैंगरेप ; उल्हासनगर पुलिस एफ.आय.आर. लिखने में कर रही है आनाकानी!

    Ulhasnagar (Maharashtra Development Media) - A 14-year-old girl kidnapping and then gang-raping has taken place in Ulhasnagar city. The girl was kidnapped and gangraped by a Bharatiya Janata Party official and her partner. Ulhasnagar Police F.I.R. even after Pidit's girl's father gave a complaint to the police station. It is a father's accusation that he is refusing to write.  Actually, Bharatiya Janata Party member Amit Wadhwa and his partner Dr. Kamlesh of Ulhasnagar are accused of kidnapping a 14-year-old girl and committing rape. Pidit Balika's father went to the local Ulhasnagar police station to write a report alleging this, but suddenly someone got a call at the Ulhasnagar police station and the police filed an FIR. Refuse to write. The complainant was kept in the police station from morning to night, but the FIR against the culprits. Finally not written. The Ulhasnagar police station is not taking the complaint of Pidit's family, despite a young girl being tortured in this Prakash Ulhasnagar city. Pidit's father's name is being mentioned.  Tolani told the media that Amit Wadhwa and Dr. These two together kidnapped and gang-raped the girl. Even after complaining about this to the police station, the complaint letter was taken only as an application, kept in the police station for hours and finally the F.I.R. Did not show If the local police administration soon fires against the criminals. If they do not investigate this matter while filing, then they told that they will commit self-immolation outside the office of Thane Commissioner.  It may be noted that in India, where the incidents of atrocities on women are increasing everyday, due to which the government is making new laws, with the idea of ​​getting justice for the oppressed women, a women's cell is being built in the police station, to protect women. Taking steps, the local police of Ulhasnagar city complained against the criminals even after the complainant. Is refusing to register If the police is backing down to give justice to Pidit while performing his duty, then the general public should go to ask for justice, then said that such a question is now being asked by the people of Ulhasnagar city from the police administration.  According to the Indian Penal Code, the Ulhasnagar police station lodged a complaint of the complainant under various sections like rape, kidnapping of a minor girl, as well as gang rape against criminals and immediately throwing criminals behind bars. Should, but due to a whip call in the police station, the police should not forget their responsibilities and complain to the complainant The public Ulhasnagar city like it is making use of Dbawtntr to have piqued the Ulhasnagar police administration.
    उल्हासनगर (महाराष्ट्र विकास मिडिया)- उल्हासनगर शहर में 14 साल की लडकी का किड्नैपिंग और फिर गैंगरेप करने की वारदात सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और उनके साथी द्वारा बच्ची का अपहरण कर उसका गैंगरेप किया गया। पिडीत बालिका के पिता ने पुलिस थाने में शिकायत देने के बाद भी उल्हासनगर पुलिस एफ.आय.आर. लिखने में आनाकानी कर रही है ऐसा पिता का आरोप है।
    दरअसल, उल्हासनगर के भारतीय जनता पार्टी कासदस्य अमित वाधवा और उसका साथीदार डॉ. कमलेश पर 14 साल की बच्ची का अपहरण कर उसका सामुहिक बलात्कार करने का आरोप है। पिडीत बालिका के पिता ने यह आरोप लगाते हुए स्थानिय उल्हासनगर पुलिस थाने में रपट लिखाने गये लेकिन उल्हासनगर पुलिस थाने में अचानक किसीका फोन आया और पुलिस ने एफ.आय.आर. लिखने से साफ मना कर दिया। शिकायकर्ता को सुबह से रात तक पुलिस थाने में बिठाये रखा लेकिन अपराधियों के खिलाफ एफ.आय.आर. आखिरतक नहीं लिखा गया। इस प्रकाश उल्हासनगर शहर में एक छोटी बच्ची पर अत्याचार होने के बावजुद उल्हासनगर पुलिस थाना पिडीत के परिवार की शिकायत नहीं ले रही है। पिडीत के पिता का नाम मनोज हरिराम तोलानी है। 
    मनोज तोलानी ने मिडिया को बताया कि, अमित वाधवा और डॉ. कमलेश शर्मा इन दोनों ने मिलकर बच्ची का अपहरण और गैंगरेप किया है। इसकी शिकायत पुलिस थाने में करने पर भी सिर्फ शिकायकपत्र आवेदन के रुप में लिया गया, घंटों तक थाने में बिठाए रखा और आखिरकार एफ.आय.आर. दर्श नहीं किया। अगर स्थानिय पुलिस प्रशासन जल्द ही अपराधियों के खिलाफ एफ.आय.आर. दाखिल करते हुए इस मामले की जांच पडताल नहीं करेगी तो वे अपने परिवार सहीत ठाणे कमिश्नर के दफ्तर के बाहर ही आत्मदहन करेंगे ऐसा उन्होंने बताया।


    गौरतलब हो कि भारत देश में जहां हर रोज महिलाओं पर अत्याचार होने की घटनाएं बढ रही है जिसके चलते पिडीत महिलाओं को न्याय मिलने के विचार से सरकार नए नए कानून बना रही है, पुलिस थाने में वुमन्स सेल बना रही है, महिलाओं की रक्षा के लिए कदम उठा रही है वहीं उल्हासनगर शहर की स्थानिय पुलिस शिकायतकर्ता के शिकायत करने पर भी अपराधियों के खिलाफ एफ.आय.आर. दर्ज करने को आनाकानी कर रही है। अगर पुलिस ही अपने कर्तव्य को ना निभाते हुए पिडीत को न्याय देने मे पिछे हट रही है तब आम जनता न्याय मांगने जाए तो जाए कहा ऐसा सवाल अब उल्हासनगर शहर की जनता पुलिस प्रशासन से पुछ रही है।


    भारतीय दंडसंहिता के अनुसार उल्हासनगर पुलिस थाने ने शिकायतकर्ता की शिकायत को दर्ज कर अपराधियों के खिलाफ नाबालिक पर बलात्कार, नाबालिक लडकी का अपहरण, साथ ही गैंगरेप करने जैसे संगिन जुर्म पर कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अपराधियों को तुरंत कानून की सलाखों के पिछे फेंकना चाहिए लेकिन पुलिस थाने में व्हिआईपी के एक फोन के चलते पुलिस अपनी जिम्मेदारीयां भुलकर शिकायतकर्ता को शिकायत ना करने के लिए दबावतंत्र का इस्तेमाल कर रही है यह देख उल्हासनगर शहर की जनता उल्हासनगर पुलिस प्रशासन पर खफा है।

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